A Judge Accused Of Copy-pasting In Punjab – Punjab News: जज पर कॉपी-पेस्ट करने का आरोप, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, 10 जजमेंट जांचने का भी आदेश

A Judge Accused Of Copy-pasting In Punjab – Punjab News: जज पर कॉपी-पेस्ट करने का आरोप, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, 10 जजमेंट जांचने का भी आदेश


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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को कॉपी पेस्ट करने के आरोपी गुरदासपुर के जज को 27 मार्च 2023 तक स्पष्टीकरण सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही सेशंस जज को आरोपी जज की 10 जजमेंट का अध्ययन करने का आदेश दिया है। मामला गुरदासपुर में संपत्ति से जुड़े विवाद का है जहां निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील जज के पास पहुंची थी। 

आरोप के अनुसार जज ने पूरी जजमेंट लाइन टू लाइन और वर्ड टू वर्ड कॉपी कर दी। केवल अंतिम कुछ पैराग्राफ में अपनी टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट में दाखिल दूसरी अपील पर सुनवाई के दौरान याची के वकील ने कहा कि कॉपी पेस्ट करने का मतलब यह है कि जज ने अपील पर फैसला सुनाते हुए ज्यूडिशियल माइंड का इस्तेमाल नहीं किया। 

हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए अब आरोपी जज को 27 मार्च तक इस बारे में स्पष्टीकरण सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने होशियारपुर के सेशंस जज को आदेश दिया है कि वह रैंडम तरीके से आरोपी जज द्वारा लिखवाए गए आदेशों का अध्ययन करें। इसके बाद यह देखें कि कहीं ऐसा ही अन्य मामलों में तो नहीं किया गया। इसके साथ ही इन जजमेंट की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर हाईकोर्ट को सौंपने का आदेश दिया है। 

विस्तार

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को कॉपी पेस्ट करने के आरोपी गुरदासपुर के जज को 27 मार्च 2023 तक स्पष्टीकरण सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही सेशंस जज को आरोपी जज की 10 जजमेंट का अध्ययन करने का आदेश दिया है। मामला गुरदासपुर में संपत्ति से जुड़े विवाद का है जहां निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील जज के पास पहुंची थी। 

आरोप के अनुसार जज ने पूरी जजमेंट लाइन टू लाइन और वर्ड टू वर्ड कॉपी कर दी। केवल अंतिम कुछ पैराग्राफ में अपनी टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट में दाखिल दूसरी अपील पर सुनवाई के दौरान याची के वकील ने कहा कि कॉपी पेस्ट करने का मतलब यह है कि जज ने अपील पर फैसला सुनाते हुए ज्यूडिशियल माइंड का इस्तेमाल नहीं किया। 

हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए अब आरोपी जज को 27 मार्च तक इस बारे में स्पष्टीकरण सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने होशियारपुर के सेशंस जज को आदेश दिया है कि वह रैंडम तरीके से आरोपी जज द्वारा लिखवाए गए आदेशों का अध्ययन करें। इसके बाद यह देखें कि कहीं ऐसा ही अन्य मामलों में तो नहीं किया गया। इसके साथ ही इन जजमेंट की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर हाईकोर्ट को सौंपने का आदेश दिया है।