Close Ones Do Not Believe In Suicide, Everyone Is Waiting For The Mystery Of Mahant’s Death To Be Revealed – Narendra Giri Case: खुदकुशी पर करीबियों को यकीन नहीं, महंत की मौत की गुत्थी खुलने का हर किसी को इंतजार

Close Ones Do Not Believe In Suicide, Everyone Is Waiting For The Mystery Of Mahant’s Death To Be Revealed – Narendra Giri Case: खुदकुशी पर करीबियों को यकीन नहीं, महंत की मौत की गुत्थी खुलने का हर किसी को इंतजार


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सीबीआई भले चार्जशीट लगा चुकी हो, लेकिन बाघंबरी गद्दी मठ के पीठाधीश्वर महंत नरेंद्र गिरि की मौत की गुत्थी सुलझने का लोगों को एक साल बाद भी इंतजार है। हर कदम सबूत मिटाने की कोशिशें अब भी मौत की इस सनसनीखेज घटना के पीछे सवालों का टीला बनकर खड़ी हैं। मठ के आगंतुक कक्ष से लेकर उनके शयन कक्ष तक उनकी मौत को लेकर अनुत्तरित प्रश्नों की चीखें अब भी गूंज रही हैं कि क्या वाकई महंत ने आत्महत्या की?

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि 20 सिंतबर 2021 को बाघंबरी गद्दी मठ के आगंतुक कक्ष में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाए गए थे। देश भर में सनसनी मचा देने वाली मौत की इस घटना के आसपास रहस्यों का घेरा शुरू से ही बना हुआ है। महंत को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी, लेकिन उस दिन न सिर्फ उनके सारे गार्ड नदारद पाए गए, बल्कि उनके शयन कक्ष से लगे हिस्से के 15 कैमरों का एक साथ बंद पाया जाना भी कम रहस्यमय नहीं कहा जा सकता।

उनके करीबी मानते हैं कि महंत करीब तीन मिनट में बमुश्किलन अपना हस्ताक्षर बना पाते थे, लेकिन मौत के बाद अचानक 11 पेज का आया उनका सुसाइड नोट अब भी हर किसी को हैरत में डालने वाला रहा है। मठ से जुड़े रहे महंत नरेंद्र गिरि के एक नजदीकी का कहना है कि उनकी मौत के पीछे सिर्फ मोटी रकम है। उनकी मौत का कारण वह रकम बनी जो इस घटना से कुछ दिन पहले ही हरिद्वार में एक प्रापर्टी बिकने के बाद मठ में आई थी।

वह रकम महंत के कक्ष में रखी होने की बात कही जा रही है। सीबीआई ने महंत के शयन कक्ष में तीन करोड़ रुपये से भरे जिन दो बैगों को सील किया था, वह उनकी पलंग की दराज में रखे थे। कहा जा रहा है कि ये नोट हनुमान मंदिर के चढ़ावे के थे। अब सवाल उठता है कि हरिद्वार में बेची गई संपत्ति के करोड़ों रुपये कहां गए? कहीं महंत के शयन कक्ष से उन रुपयों को पार करने के लिए तो इस घटना को अंजाम नहीं दिया गया? इस सवाल का जवाब ढूंढा जाना अभी बाकी है।      

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सीबीआई भले चार्जशीट लगा चुकी हो, लेकिन बाघंबरी गद्दी मठ के पीठाधीश्वर महंत नरेंद्र गिरि की मौत की गुत्थी सुलझने का लोगों को एक साल बाद भी इंतजार है। हर कदम सबूत मिटाने की कोशिशें अब भी मौत की इस सनसनीखेज घटना के पीछे सवालों का टीला बनकर खड़ी हैं। मठ के आगंतुक कक्ष से लेकर उनके शयन कक्ष तक उनकी मौत को लेकर अनुत्तरित प्रश्नों की चीखें अब भी गूंज रही हैं कि क्या वाकई महंत ने आत्महत्या की?

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि 20 सिंतबर 2021 को बाघंबरी गद्दी मठ के आगंतुक कक्ष में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाए गए थे। देश भर में सनसनी मचा देने वाली मौत की इस घटना के आसपास रहस्यों का घेरा शुरू से ही बना हुआ है। महंत को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी, लेकिन उस दिन न सिर्फ उनके सारे गार्ड नदारद पाए गए, बल्कि उनके शयन कक्ष से लगे हिस्से के 15 कैमरों का एक साथ बंद पाया जाना भी कम रहस्यमय नहीं कहा जा सकता।