CUET: Students choose maximum number of colleges and courses for admission in Delhi University

CUET: Students choose maximum number of colleges and courses for admission in Delhi University





UOD Admission : दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में शुक्रवार की सुबह सभी कॉलेजों के प्रिंसिपल की बैठक हुई। बैठक में डीन एडमिशन ने यूजीसी फ्रेमवर्क और डीयू की दाखिला प्रक्रिया का खाका प्रस्तुत किया। डीयू ने कॉलेजों को स्पष्ट किया कि दाखिले को लेकर किसी भी छात्र को परेशानी का सामना न करना पड़े। कॉलेजों को दाखिला समिति के अलावा, शिकायत निवारण समिति व अन्य समितियां बनाने का निर्देश भी दिया गया। हालांकि, अधिकांश कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्होंने अपने यहां इस तरह की समितियां बना ली हैं।

डीयू के रजिस्ट्रार ने कहा कि 206 कंबीनेशन केवल बीए प्रोग्राम के हैं। इसलिए कॉलेज छात्रों को पूछे जाने पर हर छोटी से छोटी जानकारी दें। छात्र अधिक से अधिक कोर्स कॉलेज भरे। पहली काउंसलिंग में 20 फीसदी सामान्य और 30 फीसदी आरक्षित वर्ग के छात्रों को ज्यादा सीटों पर दाखिला देंगे तो ड्रॉपआउट की संभावना कम होगी। छात्रों को यह विंडो भी दिखाई देगी कि किस कोर्स के किस कॉलेज में कितने लोगों ने आवेदन किया है। छात्र को अपना स्कोर पता है और उसे यह पता चल पाएगा कि उससे ऊपर कितने लोग हैं। इसलिए प्रतिस्पर्धा कठिन है। डीन एडमिशन प्रो.हनीत गांधी ने कहा कि पात्रता मानदंड के साथ बेस्ट थ्री या बेस्ट फोर के आधार पर मेरिट बनेगी। उन्होंने ईसीए स्पोर्ट्स आदि के बारे में बताया और कहा किसी भी दाखिला के लिए सीयूईटी में शामिल होना जरूरी है।

छात्रों के पास विकल्प कम न हों

एक कॉलेज के प्रिंसिपल ने बताया कि डीन एडमिशन का इस बात पर जोर था कि 26 सितंबर से जब दूसरे चरण की दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी। उस समय विद्यार्थी अधिक से अधिक कोर्स और कॉलेजों का चयन करें। ताकि छात्रों के पास विकल्प की कमी न रहे। प्राय: सीमित कोर्स और कॉलेज चुनने के कारण छात्रों के पास विकल्प की कमी रहती है और वह दाखिला नहीं ले पाते हैं।

कॉलेज की भूमिका कम

प्रिंसिपलों और कॉलेज प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए डीयू के रजिस्ट्रार ने कहा कि कॉलेज को दाखिला के लिए कुछ विशेष नहीं करना है। सब कुछ दाखिला शाखा तय करेगी देगी। कॉलेज को बस यह देखना है कि संबंधित अभ्यर्थी ने सही जानकारी दी है या नहीं।