Fugitive Drug Supplier Kailash Rajput Traced To Uk, Mumbai Police Initiated Extradition Process – Maharashtra: मुंबई के कुख्यात ड्रग सप्लायर का चला पता, पुलिस के डर से इस देश में ले ली है पनाह

Fugitive Drug Supplier Kailash Rajput Traced To Uk, Mumbai Police Initiated Extradition Process – Maharashtra: मुंबई के कुख्यात ड्रग सप्लायर का चला पता, पुलिस के डर से इस देश में ले ली है पनाह


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देश के सबसे बड़े और कुख्यात ड्रग सप्लायर कैलास राजपूत उर्फ केआर का पता चल चुका है। मुंबई पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया है कि केआर ब्रिटेन में छिपकर बैठा है। पुलिस ने उसे लंदन से प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और वह केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के संपर्क में है, जो देश में इंटरपोल का काम करता है। कैलाश राजपूत ड्रग्स का व्यापार भारत में ही नहीं बल्कि गल्फ और यूरोपियन देशों में भी करता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कैलाश राजपूत  साल 2014 से ही फरार है और भारत से भाग निकलने में कामयाब होने के बाद वह दुबई में जाकर छुप गया जिसके बाद वह जर्मनी गया और अब लंदन में छुपा बैठा है।

भारत और ब्रिटेन के बीच प्रत्यर्पण संधि का मिल सकता है फायदा
ड्रग सप्लायर राजपूत को भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण कार्यवाही शुरू करने के लिए सीबीआई विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय करेगी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच 1993 से प्रत्यर्पण संधि है। उसका पासपोर्ट ब्रिटेन के अधिकारियों ने जब्त कर लिया है और वह फिलहाल नजरबंद है। 

खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स मेफेड्रोन की सप्लाई करता था राजपूत
पुलिस विभाग के सूत्रों ने बताया कि राजपूत ने देश में सिंथेटिक ड्रग्स खासकर मेफेड्रोन की अवैध तरीके से आपूर्ति करता था । फरवरी, 2018 में, पुलिस निरीक्षक दया नायक की अध्यक्षता वाली अंबोली पुलिस टीम ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था और ₹2.73 करोड़ मूल्य की पार्टी ड्रग्स की 13.5 किलोग्राम जब्त की थी, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में ₹25 करोड़ थी।

विस्तार

देश के सबसे बड़े और कुख्यात ड्रग सप्लायर कैलास राजपूत उर्फ केआर का पता चल चुका है। मुंबई पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया है कि केआर ब्रिटेन में छिपकर बैठा है। पुलिस ने उसे लंदन से प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और वह केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के संपर्क में है, जो देश में इंटरपोल का काम करता है। कैलाश राजपूत ड्रग्स का व्यापार भारत में ही नहीं बल्कि गल्फ और यूरोपियन देशों में भी करता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कैलाश राजपूत  साल 2014 से ही फरार है और भारत से भाग निकलने में कामयाब होने के बाद वह दुबई में जाकर छुप गया जिसके बाद वह जर्मनी गया और अब लंदन में छुपा बैठा है।

भारत और ब्रिटेन के बीच प्रत्यर्पण संधि का मिल सकता है फायदा

ड्रग सप्लायर राजपूत को भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण कार्यवाही शुरू करने के लिए सीबीआई विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय करेगी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच 1993 से प्रत्यर्पण संधि है। उसका पासपोर्ट ब्रिटेन के अधिकारियों ने जब्त कर लिया है और वह फिलहाल नजरबंद है। 

खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स मेफेड्रोन की सप्लाई करता था राजपूत

पुलिस विभाग के सूत्रों ने बताया कि राजपूत ने देश में सिंथेटिक ड्रग्स खासकर मेफेड्रोन की अवैध तरीके से आपूर्ति करता था । फरवरी, 2018 में, पुलिस निरीक्षक दया नायक की अध्यक्षता वाली अंबोली पुलिस टीम ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था और ₹2.73 करोड़ मूल्य की पार्टी ड्रग्स की 13.5 किलोग्राम जब्त की थी, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में ₹25 करोड़ थी।