Omar Abdullah Will Not Contest The Upcoming Elections – कश्मीर में उमर अब्दुल्ला बोले: आगामी चुनाव नहीं लड़ूंगा, सरकार बनाने के लिए पीडीपी का ले सकते हैं समर्थन

Omar Abdullah Will Not Contest The Upcoming Elections – कश्मीर में उमर अब्दुल्ला बोले: आगामी चुनाव नहीं लड़ूंगा, सरकार बनाने के लिए पीडीपी का ले सकते हैं समर्थन


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जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने वीरवार को एक बड़ा बयान दिया कि वह जम्मू कश्मीर में आगामी चुनाव नहीं लड़ेंगे। वहीं पीएजीडी के साथ या अलग चुनाव लड़ने के फैसले पर उन्होंने कहा कि जैसे ही चुनावी बिगुल बजेगा तभी चुनाव लड़ने को लेकर कोई फैसला लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार बनाने उन्हें मदद लेनी पड़ेगी तो वह पीडीपी के साथ हाथ मिलाना बेहतर समझेंगे। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि आगामी चुनावों को लेकर अभी उनकी पार्टी द्वारा केवल अलग चुनाव लड़ने की एक राय दी गई है। लोकतंत्र है और सबको अपनी राय देने का अधिकार है।

उन्होंने कहा कि उस पर आखिरी फैसला पार्टी अध्यक्ष डॉ. फ़ारूक़ अब्दुल्ला का होगा कि चुनाव अलग लड़ना है या एक साथ। साथ ही उमर ने यह भी कहा कि अभी इस पर विचार करने के लिए सही समय नहीं है, जैसे ही चुनावी बिगुल बजेगा तो हम इस पर कोई फैसला लेंगे।
            
इस बीच यह पूछे जाने पर कि अगर नेकां के पास बहुमत आता है तो मुख्यमंत्री डॉ. फारूक होंगे या उमर अब्दुल्ला। इस पर उन्होंने कहा कि वह जम्मू कश्मीर में होने वाले आगामी चुनाव नहीं लड़ेंगे। जैसा कि आप जानते हैं कि डॉ. फारूक़ अब्दुल्ला सांसद भी हैं इसलिए वह भी इस पर फैसला लेंगे।

वहीं यह पूछे जाने पर कि अगर मुख्यमंत्री बनना हो और कुछ सीटें कम रह जाएं तो वो भाजपा से हाथ मिलाना चाहेंगे या फिर पीडीपी से। उमर ने हंसते हुए जवाब दिया कि हमारी सोच भाजपा के साथ मिलती ही नहीं है।

भाजपा को हराने के लिए तो हम यह सब कर रहे हैं। भाजपा के अलावा कोई हो जिसके पास उतनी सीटें हो तो जरूर उनसे बात करेंगे। उमर ने कहा कि भाजपा और पीडीपी में से वो पीडीपी के साथ हाथ मिलाना बेहतर समझेंगे।              

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जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने वीरवार को एक बड़ा बयान दिया कि वह जम्मू कश्मीर में आगामी चुनाव नहीं लड़ेंगे। वहीं पीएजीडी के साथ या अलग चुनाव लड़ने के फैसले पर उन्होंने कहा कि जैसे ही चुनावी बिगुल बजेगा तभी चुनाव लड़ने को लेकर कोई फैसला लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार बनाने उन्हें मदद लेनी पड़ेगी तो वह पीडीपी के साथ हाथ मिलाना बेहतर समझेंगे। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि आगामी चुनावों को लेकर अभी उनकी पार्टी द्वारा केवल अलग चुनाव लड़ने की एक राय दी गई है। लोकतंत्र है और सबको अपनी राय देने का अधिकार है।

उन्होंने कहा कि उस पर आखिरी फैसला पार्टी अध्यक्ष डॉ. फ़ारूक़ अब्दुल्ला का होगा कि चुनाव अलग लड़ना है या एक साथ। साथ ही उमर ने यह भी कहा कि अभी इस पर विचार करने के लिए सही समय नहीं है, जैसे ही चुनावी बिगुल बजेगा तो हम इस पर कोई फैसला लेंगे।

            

इस बीच यह पूछे जाने पर कि अगर नेकां के पास बहुमत आता है तो मुख्यमंत्री डॉ. फारूक होंगे या उमर अब्दुल्ला। इस पर उन्होंने कहा कि वह जम्मू कश्मीर में होने वाले आगामी चुनाव नहीं लड़ेंगे। जैसा कि आप जानते हैं कि डॉ. फारूक़ अब्दुल्ला सांसद भी हैं इसलिए वह भी इस पर फैसला लेंगे।

वहीं यह पूछे जाने पर कि अगर मुख्यमंत्री बनना हो और कुछ सीटें कम रह जाएं तो वो भाजपा से हाथ मिलाना चाहेंगे या फिर पीडीपी से। उमर ने हंसते हुए जवाब दिया कि हमारी सोच भाजपा के साथ मिलती ही नहीं है।

भाजपा को हराने के लिए तो हम यह सब कर रहे हैं। भाजपा के अलावा कोई हो जिसके पास उतनी सीटें हो तो जरूर उनसे बात करेंगे। उमर ने कहा कि भाजपा और पीडीपी में से वो पीडीपी के साथ हाथ मिलाना बेहतर समझेंगे।