Pakistan Pm Shehbaz Sharif Rakes Up Kashmir Issue At Unga – Pakistan: यूएनजीए में पाकिस्तान ने फिर अलापा कश्मीर राग, बोला- युद्ध कोई विकल्प नहीं, बातचीत से निकले हल

Pakistan Pm Shehbaz Sharif Rakes Up Kashmir Issue At Unga – Pakistan: यूएनजीए में पाकिस्तान ने फिर अलापा कश्मीर राग, बोला- युद्ध कोई विकल्प नहीं, बातचीत से निकले हल


pakistan pm shehbaz sharif 1663957259 - Pakistan Pm Shehbaz Sharif Rakes Up Kashmir Issue At Unga - Pakistan: यूएनजीए में पाकिस्तान ने फिर अलापा कश्मीर राग, बोला- युद्ध कोई विकल्प नहीं, बातचीत से निकले हल

Pakistan PM Shehbaz Sharif
– फोटो : ANI

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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि हम भारत सहित अपने सभी पड़ोसियों के साथ शांति चाहते हैं। शहबाज शरीफ ने कहा कि मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि भारत इस संदेश को समझे कि दोनों देश एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा कि युद्ध कोई विकल्प नहीं है, केवल शांतिपूर्ण संवाद ही मुद्दों को हल कर सकता है ताकि आने वाले समय में दुनिया में चारों ओर और अधिक शांति हो। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर को लेकर न्यायसंगत और स्थायी समाधान जरूरी है। बता दें कि जम्मू और कश्मीर हमेशा से ही भारत का अभिन्न अंग है। 

हम शांति से रहें या एक-दूसरे से लड़ते रहें
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि भारत को रचनात्मक जुड़ाव के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए विश्वसनीय कदम उठाने चाहिए। हम पड़ोसी हैं और हम हमेशा के लिए हैं, चुनाव हमारा है कि हम शांति से रहें या एक-दूसरे से लड़ते रहें।

शहबाज शरीफ ने न्यूयॉर्क में 77 वें संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि 1947 के बाद से हमने तीन युद्ध किए हैं और इसके परिणामस्वरूप, दोनों पक्षों में केवल दुख, गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी है। अब यह हमारे ऊपर है कि हम अपने मतभेदों, हमारी समस्याओं और हमारे मुद्दों को शांतिपूर्ण बातचीत और चर्चा के माध्यम से हल करें।

शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ के बारे में भी सभा को बताया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में आई भयंकर बाढ़ ने 400 से अधिक बच्चे समेत 1500 लोग इस बाढ़ में मारे गए। उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण बीमारी और कुपोषण से कहीं अधिक खतरे में हैं। वहीं लाखों लोग तंबू लगाकर रह रहे हैं।

यूएनएससी सुधार में प्रगति न होने पर जी-4 असंतुष्ट
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर की इस सप्ताह अमेरिका यात्रा का केंद्रीय विषय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार है। गुरुवार को ग्रुप ऑफ फोर (जी4) के बैनर तले उन्होंने जर्मनी, ब्राजील और जापान के समकक्षों के साथ बैठक की। जी4 का प्राथमिक ध्यान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार और सदस्यों को इसकी स्थायी सदस्यता दिलाने पर केंद्रित है।

उन्होंने सुधारों पर जोर देने का संकल्प दोहराया और इस दिशा में प्रगति न होने पर असंतोष जताया। बैठक के बाद ट्वीट में जयशंकर ने कहा, बिंदु आधारित बहुपक्षीय सुधार की दिशा में काम करने का संयुक्त संकल्प दोहराया गया। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमारा सहयोग जारी रहेगा। भारत अभी परिषद का अस्थायी सदस्य है।

उसका दो साल का कार्यकाल इस साल 31 दिसंबर को समाप्त हो जाएगा। यूएनएससी के स्थायी सदस्य बनने के एक-दूसरे के प्रयासों को समर्थन दोहराने के साथ ही जी4 ने अफ्रीकी देशों को भी इसमें स्थायी और अस्थायी प्रतिनिधित्व देने का समर्थन किया।

संयुक्त वक्तव्य में जी4 ने कहा, संयुक्त राष्ट्र की निर्णय लेने वाली संस्थाओं में तत्काल सुधार की जरूरत है, क्योंकि वैश्विक मुद्दे जटिल होते जा रहे हैं और एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इन समस्याओं से निपटने में यूएनएससी की अक्षमता से सुधार की तत्काल जरूरत दिखती है।

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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि हम भारत सहित अपने सभी पड़ोसियों के साथ शांति चाहते हैं। शहबाज शरीफ ने कहा कि मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि भारत इस संदेश को समझे कि दोनों देश एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा कि युद्ध कोई विकल्प नहीं है, केवल शांतिपूर्ण संवाद ही मुद्दों को हल कर सकता है ताकि आने वाले समय में दुनिया में चारों ओर और अधिक शांति हो। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर को लेकर न्यायसंगत और स्थायी समाधान जरूरी है। बता दें कि जम्मू और कश्मीर हमेशा से ही भारत का अभिन्न अंग है। 

हम शांति से रहें या एक-दूसरे से लड़ते रहें

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि भारत को रचनात्मक जुड़ाव के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए विश्वसनीय कदम उठाने चाहिए। हम पड़ोसी हैं और हम हमेशा के लिए हैं, चुनाव हमारा है कि हम शांति से रहें या एक-दूसरे से लड़ते रहें।

शहबाज शरीफ ने न्यूयॉर्क में 77 वें संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि 1947 के बाद से हमने तीन युद्ध किए हैं और इसके परिणामस्वरूप, दोनों पक्षों में केवल दुख, गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी है। अब यह हमारे ऊपर है कि हम अपने मतभेदों, हमारी समस्याओं और हमारे मुद्दों को शांतिपूर्ण बातचीत और चर्चा के माध्यम से हल करें।

शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ के बारे में भी सभा को बताया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में आई भयंकर बाढ़ ने 400 से अधिक बच्चे समेत 1500 लोग इस बाढ़ में मारे गए। उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण बीमारी और कुपोषण से कहीं अधिक खतरे में हैं। वहीं लाखों लोग तंबू लगाकर रह रहे हैं।

यूएनएससी सुधार में प्रगति न होने पर जी-4 असंतुष्ट

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर की इस सप्ताह अमेरिका यात्रा का केंद्रीय विषय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार है। गुरुवार को ग्रुप ऑफ फोर (जी4) के बैनर तले उन्होंने जर्मनी, ब्राजील और जापान के समकक्षों के साथ बैठक की। जी4 का प्राथमिक ध्यान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार और सदस्यों को इसकी स्थायी सदस्यता दिलाने पर केंद्रित है।

उन्होंने सुधारों पर जोर देने का संकल्प दोहराया और इस दिशा में प्रगति न होने पर असंतोष जताया। बैठक के बाद ट्वीट में जयशंकर ने कहा, बिंदु आधारित बहुपक्षीय सुधार की दिशा में काम करने का संयुक्त संकल्प दोहराया गया। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमारा सहयोग जारी रहेगा। भारत अभी परिषद का अस्थायी सदस्य है।

उसका दो साल का कार्यकाल इस साल 31 दिसंबर को समाप्त हो जाएगा। यूएनएससी के स्थायी सदस्य बनने के एक-दूसरे के प्रयासों को समर्थन दोहराने के साथ ही जी4 ने अफ्रीकी देशों को भी इसमें स्थायी और अस्थायी प्रतिनिधित्व देने का समर्थन किया।

संयुक्त वक्तव्य में जी4 ने कहा, संयुक्त राष्ट्र की निर्णय लेने वाली संस्थाओं में तत्काल सुधार की जरूरत है, क्योंकि वैश्विक मुद्दे जटिल होते जा रहे हैं और एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इन समस्याओं से निपटने में यूएनएससी की अक्षमता से सुधार की तत्काल जरूरत दिखती है।