Question Mark On Congress Retaining Leader Of Opposition Post After 8 Mlas Join Bjp – Goa: तो गोवा में नहीं होगा कोई नेता प्रतिपक्ष! कांग्रेस विधायकों के टूटने के बाद विधानसभा में यह हैं हालात

Question Mark On Congress Retaining Leader Of Opposition Post After 8 Mlas Join Bjp – Goa: तो गोवा में नहीं होगा कोई नेता प्रतिपक्ष! कांग्रेस विधायकों के टूटने के बाद विधानसभा में यह हैं हालात


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पूर्व मुख्यमंत्री कामत और कांग्रेस के सात अन्य विधायक अब सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हो गए हैं। इसके बाद गोवा में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। आलम यह है कि कांग्रेस के सामने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद बरकरार रखने पर सवालिया निशान लग गया है। दरअसल, अब गोवा में कांग्रेस के पास केवल तीन विधायक बचे हैं। ऐसे में 40 सदस्यों वाली गोवा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद पर दावा बरकरार रखने के लिए विधायी ताकत का दसवां हिस्सा भी नहीं बचा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष को विपक्ष के नेता की स्थिति पर फैसला करना होगा। 

सामान्यतया किसी भी विपक्षी दल के पास विपक्ष के नेता पद पर दावा करने के लिए सदन के सदस्यों का कम से कम दसवां हिस्सा होना चाहिए। गोवा विधानसभा में नेता विपक्ष के पद का दावा करने के मामले में यह संख्या चार है। 

राजनीतिक विश्लेषक और अधिवक्ता क्लियोफेटो कॉटिन्हो ने बताया कि बदली हुई परिस्थितियों में कांग्रेस के पास वर्तमान में केवल तीन विधायक बचे हैं। ऐसे में अब यह अध्यक्ष का विशेषाधिकार है कि पद के लिए आवश्यक चार की आवश्यक संख्या के लिए अन्य विपक्षी विधायकों की गिनती की जाए या नहीं। गोवा विधानसभा में अब विपक्ष में सात सदस्य हैं। इसमें कांग्रेस के तीन विधायक आम आदमी पार्टी के दो, गोवा फॉरवर्ड पार्टी और रिवोल्यूशनरी गोवा पार्टी के एक-एक सदस्य शामिल हैं। 

बता दें कि भाजपा में शामिल हुए ये नेता लंबे समय से नाराज थे। जुलाई में,कांग्रेस ने माइकल लोबो को बीजेपी के साथ विभाजन की साजिश करने के लिए विपक्ष के नेता के पद से हटा दिया था। कहा जा रहा है कि माइकल तभी से नाराज चल रहे थे। विपक्ष के नेता माइकल लोबो ने आज ही कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक की थी। इस बैठक में कांग्रेस विधायक दल को भाजपा में विलय करने पर निर्णय लिया गया था। इसके बाद इन विधायकों ने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से भी मुलाकात की थी।  

2019 में भी हुआ था ऐसा 
गौरतलब है कि 2019 में भी कांग्रेस को भाजपा ने इसी तरह का झटका दिया था। जुलाई, 2019 में कांग्रेस के 10 विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे।

इन विधायकों ने छोड़ा कांग्रेस का साथ 
कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाले विधायकों में दिगंबर कामत, माइकल लोबो, डी लोबो, राजेश फलदेसाई, केदार नायक, संकल्प अमोनकर, अलेक्सो सिकेरा और रुडॉल्फ फर्नांडिस जैसे नाम शामिल हैं। ये सभी विधायक सीएम प्रमोद सावंत की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए। इस मौके पर सीएम सावंत ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कहा, राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे हैं, लेकिन गोवा से ‘कांग्रेस छोड़ो’ यात्रा शुरू हो चुकी है। 

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पूर्व मुख्यमंत्री कामत और कांग्रेस के सात अन्य विधायक अब सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हो गए हैं। इसके बाद गोवा में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। आलम यह है कि कांग्रेस के सामने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद बरकरार रखने पर सवालिया निशान लग गया है। दरअसल, अब गोवा में कांग्रेस के पास केवल तीन विधायक बचे हैं। ऐसे में 40 सदस्यों वाली गोवा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद पर दावा बरकरार रखने के लिए विधायी ताकत का दसवां हिस्सा भी नहीं बचा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष को विपक्ष के नेता की स्थिति पर फैसला करना होगा। 

सामान्यतया किसी भी विपक्षी दल के पास विपक्ष के नेता पद पर दावा करने के लिए सदन के सदस्यों का कम से कम दसवां हिस्सा होना चाहिए। गोवा विधानसभा में नेता विपक्ष के पद का दावा करने के मामले में यह संख्या चार है। 

राजनीतिक विश्लेषक और अधिवक्ता क्लियोफेटो कॉटिन्हो ने बताया कि बदली हुई परिस्थितियों में कांग्रेस के पास वर्तमान में केवल तीन विधायक बचे हैं। ऐसे में अब यह अध्यक्ष का विशेषाधिकार है कि पद के लिए आवश्यक चार की आवश्यक संख्या के लिए अन्य विपक्षी विधायकों की गिनती की जाए या नहीं। गोवा विधानसभा में अब विपक्ष में सात सदस्य हैं। इसमें कांग्रेस के तीन विधायक आम आदमी पार्टी के दो, गोवा फॉरवर्ड पार्टी और रिवोल्यूशनरी गोवा पार्टी के एक-एक सदस्य शामिल हैं। 

बता दें कि भाजपा में शामिल हुए ये नेता लंबे समय से नाराज थे। जुलाई में,कांग्रेस ने माइकल लोबो को बीजेपी के साथ विभाजन की साजिश करने के लिए विपक्ष के नेता के पद से हटा दिया था। कहा जा रहा है कि माइकल तभी से नाराज चल रहे थे। विपक्ष के नेता माइकल लोबो ने आज ही कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक की थी। इस बैठक में कांग्रेस विधायक दल को भाजपा में विलय करने पर निर्णय लिया गया था। इसके बाद इन विधायकों ने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से भी मुलाकात की थी।  

2019 में भी हुआ था ऐसा 

गौरतलब है कि 2019 में भी कांग्रेस को भाजपा ने इसी तरह का झटका दिया था। जुलाई, 2019 में कांग्रेस के 10 विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे।

इन विधायकों ने छोड़ा कांग्रेस का साथ 

कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाले विधायकों में दिगंबर कामत, माइकल लोबो, डी लोबो, राजेश फलदेसाई, केदार नायक, संकल्प अमोनकर, अलेक्सो सिकेरा और रुडॉल्फ फर्नांडिस जैसे नाम शामिल हैं। ये सभी विधायक सीएम प्रमोद सावंत की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए। इस मौके पर सीएम सावंत ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कहा, राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे हैं, लेकिन गोवा से ‘कांग्रेस छोड़ो’ यात्रा शुरू हो चुकी है।