Survey Of Unrecognized Madrasas Begins In Agra – Madrasas Survey: आगरा में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे आज से, पांच अक्तूबर तक शासन को भेजनी है रिपोर्ट

Survey Of Unrecognized Madrasas Begins In Agra – Madrasas Survey: आगरा में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे आज से, पांच अक्तूबर तक शासन को भेजनी है रिपोर्ट


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आगरा जिले में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सत्यापन बुधवार से शुरू हो रहा है। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने तहसील स्तर पर सत्यापन के लिए तीन विभागों की छह टीमें बनाई हैं, जो गली-मोहल्लों में संचालित मदरसों की रिपोर्ट तैयार करेंगी। पांच अक्तूबर तक रिपोर्ट शासन को भेजनी है।

जिले में 120 मदरसे पंजीकृत हैं। इनमें 109 मदरसे नगर निगम क्षेत्र व 11 देहात में स्थित हैं। एडीएम प्रशासन अजय कुमार सिंह ने बताया कि 13 बिंदुओं पर मदरसों का सर्वे होगा। जिनमें मदरसा संचालित करने वाली संस्था, बिल्डिंग की स्थित, मान्यता, छात्र व शिक्षक संख्या के अलावा मदरसा में उपलब्ध सुविधाओं का सत्यापन होगा। पंजीकृत मदरसों की सूची से मिलान किया जाएगा। 

वित्तीय मदद पर लग सकती है रोक 

अल्पसंख्यक विभाग ने सर्वे टीमों को सत्यापन के लिए सूची सौंपी है। पांच अक्तूबर तक सभी मदरसों का सर्वे कर रिपोर्ट प्रशासन द्वारा शासन को भेजी जाएगी। जिसके बाद आगे की कार्रवाई पर शासन निर्णय करेगा। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर अपंजीकृत मदरसों को मिलने वाली वित्तीय मदद पर सरकार रोक लगा सकती है। सिर्फ पंजीकृत व मानक के अनुरूप ही मदरसों का संचालन हो सकेगा। 

विस्तार

आगरा जिले में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सत्यापन बुधवार से शुरू हो रहा है। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने तहसील स्तर पर सत्यापन के लिए तीन विभागों की छह टीमें बनाई हैं, जो गली-मोहल्लों में संचालित मदरसों की रिपोर्ट तैयार करेंगी। पांच अक्तूबर तक रिपोर्ट शासन को भेजनी है।

जिले में 120 मदरसे पंजीकृत हैं। इनमें 109 मदरसे नगर निगम क्षेत्र व 11 देहात में स्थित हैं। एडीएम प्रशासन अजय कुमार सिंह ने बताया कि 13 बिंदुओं पर मदरसों का सर्वे होगा। जिनमें मदरसा संचालित करने वाली संस्था, बिल्डिंग की स्थित, मान्यता, छात्र व शिक्षक संख्या के अलावा मदरसा में उपलब्ध सुविधाओं का सत्यापन होगा। पंजीकृत मदरसों की सूची से मिलान किया जाएगा। 

वित्तीय मदद पर लग सकती है रोक 

अल्पसंख्यक विभाग ने सर्वे टीमों को सत्यापन के लिए सूची सौंपी है। पांच अक्तूबर तक सभी मदरसों का सर्वे कर रिपोर्ट प्रशासन द्वारा शासन को भेजी जाएगी। जिसके बाद आगे की कार्रवाई पर शासन निर्णय करेगा। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर अपंजीकृत मदरसों को मिलने वाली वित्तीय मदद पर सरकार रोक लगा सकती है। सिर्फ पंजीकृत व मानक के अनुरूप ही मदरसों का संचालन हो सकेगा।