Tanakpur-pithoragarh National Highway Opened After 45 Hours – Tanakpur-pithoragarh Highway: 45 घंटे बाद खुला टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे, वाहनों की आवाजाही शुरू

Tanakpur-pithoragarh National Highway Opened After 45 Hours – Tanakpur-pithoragarh Highway: 45 घंटे बाद खुला टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे, वाहनों की आवाजाही शुरू


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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग आखिरकार पूरे 45 घंटे बाद रविवार शाम छह बजे पूरी तरह खुल गया। इसी के साथ वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। भारतोली, स्वांला और आठवें मील के मलबे को भारी मशक्कत के बाद हटाया जा सका। वहीं दिन में राजमार्ग बंद होने के कारण रोडवेज के लोहाघाट डिपो ने खेतीखान-देवीधुरा के वैकल्पिक मार्ग से पांच बसों का संचालन किया।

भारतोली, आठवें मील पर मलबा आने और स्वांला में 30 मीटर सड़क बहने से शुक्रवार रात करीब नौ बजे से एनएच पर आवाजाही पर ब्रेक लग गया था। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने मौका मुआयने कर काम तेजी से करने के निर्देश दिए।

Rishikesh-Gangotri Highway: मलबा आने से रत्नोगाड़ में रास्ता बंद, वाहनों की लगी लंबी कतार, 250 लोग फंसे

शनिवार रात और रविवार सुबह की मशक्कत के बाद सबसे पहले भारतोली का मलबा हटाया गया जिससे चंपावत से पिथौरागढ़ के लिए आवाजाही शुरू हुई। 20 घंटे से अधिक समय तक पहाड़ी वाले हिस्से की कटिंग कर स्वांला से दोपहर 1:15 बजे आवाजाही शुरू हुई। बाद में 3:05 बजे स्वांला में फिर मलबा आया जिसे 3:20 बजे तक हटा लिया गया।

एनएच खंड के ईई सुनील कुमार ने बताया कि आखिर में शाम छह बजे आठवें मील पर आए मलबे को हटाकर सड़क पूरी तरह खोल दी है। वहीं सड़क बंद रहने से टनकपुर और चंपावत से आने वाले वाहनों पर रोक लगाई गई थी।

टनकपुर-जौलजीबी सड़क पर आया मलबा

मलबा आने से निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीबी सड़क भी बंद हो गई। पोकलैंड और डोजर लगाकर सीम के पास आए मलबे को हटाया गया लेकिन इस मार्ग पर दो अन्य जगह मलबा आने से आवाजाही सुचारु नहीं हो सकी है। 

चंपावत में सन्नाटा, कारोबारियों को चपत

दो दिन तक सड़क बंद होने से चंपावत और लोहाघाट के कारोबार पर भी असर पड़ा। टैक्सी संचालन, होटल से लेकर सभी तरह की व्यापारिक गतिविधियां ठप रहीं। चंपावत के व्यापार मंडल अध्यक्ष विजय चौधरी का कहना है कि चंपावत में ही एक करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। संवाद

वैकल्पिक मार्ग से चलाईं रोडवेज की पांच बसें

स्वांला और कई अन्य स्थानों पर आए मलबे से राष्ट्रीय राजमार्ग पर 42 घंटे तक आवाजाही बंद रही। इन दो दिनों में रोडवेज बसों की आवाजाही ठप रही। इससे निगम को चार लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। रविवार को रोडवेज ने खेतीखान-देवीधुरा होते हुए पांच (दिल्ली, देहरादून, हल्द्वानी, नैनीताल और रीठा साहिब) बसों का संचालन किया। लोहाघाट डिपो की रोडवेज की 13 बसें टनकपुर में फंसी हैं। एजीएम नरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि बसों के संचालन में अवरोध से डिपो को चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। 

20 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त, मकानों को भी नुकसान

बारिश से चंपावत जिले की कलीगांव सहित ग्रामीण क्षेत्रों की 20 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। इससे पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई हैं। बारिश से नेपाल सीमा से लगे बगोटी में शीश राम और विविल गांव में रंजीत सिंह के मकान टूटे हैं। दोनों परिवार दूसरी जगह रात काटने के लिए मजबूर हैं। बगोटी में आंगन और मकान की दीवार गिरने से कई जगह खतरा बना है। प्रेमनगर के नारायण दत्त का आंगन, बोरबुंगा के दीपक सिंह के आंगन की दीवार ध्वस्त हो गई। भवान सिंह धौनी ने बताया कि पुल्ला मोटर मार्ग पर स्कपर बंद हो गया है जिससे पानी आने का खतरा बना है। राजेंद्र पुनेठा की दीवार गिरने से मकान में मलबा घुस गया है। तहसीलदार विजय गोस्वामी ने बताया कि नुकसान का सर्वे किया जा रहा है।

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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग आखिरकार पूरे 45 घंटे बाद रविवार शाम छह बजे पूरी तरह खुल गया। इसी के साथ वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। भारतोली, स्वांला और आठवें मील के मलबे को भारी मशक्कत के बाद हटाया जा सका। वहीं दिन में राजमार्ग बंद होने के कारण रोडवेज के लोहाघाट डिपो ने खेतीखान-देवीधुरा के वैकल्पिक मार्ग से पांच बसों का संचालन किया।

भारतोली, आठवें मील पर मलबा आने और स्वांला में 30 मीटर सड़क बहने से शुक्रवार रात करीब नौ बजे से एनएच पर आवाजाही पर ब्रेक लग गया था। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने मौका मुआयने कर काम तेजी से करने के निर्देश दिए।

Rishikesh-Gangotri Highway: मलबा आने से रत्नोगाड़ में रास्ता बंद, वाहनों की लगी लंबी कतार, 250 लोग फंसे

शनिवार रात और रविवार सुबह की मशक्कत के बाद सबसे पहले भारतोली का मलबा हटाया गया जिससे चंपावत से पिथौरागढ़ के लिए आवाजाही शुरू हुई। 20 घंटे से अधिक समय तक पहाड़ी वाले हिस्से की कटिंग कर स्वांला से दोपहर 1:15 बजे आवाजाही शुरू हुई। बाद में 3:05 बजे स्वांला में फिर मलबा आया जिसे 3:20 बजे तक हटा लिया गया।

एनएच खंड के ईई सुनील कुमार ने बताया कि आखिर में शाम छह बजे आठवें मील पर आए मलबे को हटाकर सड़क पूरी तरह खोल दी है। वहीं सड़क बंद रहने से टनकपुर और चंपावत से आने वाले वाहनों पर रोक लगाई गई थी।

टनकपुर-जौलजीबी सड़क पर आया मलबा

मलबा आने से निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीबी सड़क भी बंद हो गई। पोकलैंड और डोजर लगाकर सीम के पास आए मलबे को हटाया गया लेकिन इस मार्ग पर दो अन्य जगह मलबा आने से आवाजाही सुचारु नहीं हो सकी है। 

चंपावत में सन्नाटा, कारोबारियों को चपत

दो दिन तक सड़क बंद होने से चंपावत और लोहाघाट के कारोबार पर भी असर पड़ा। टैक्सी संचालन, होटल से लेकर सभी तरह की व्यापारिक गतिविधियां ठप रहीं। चंपावत के व्यापार मंडल अध्यक्ष विजय चौधरी का कहना है कि चंपावत में ही एक करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। संवाद

वैकल्पिक मार्ग से चलाईं रोडवेज की पांच बसें

स्वांला और कई अन्य स्थानों पर आए मलबे से राष्ट्रीय राजमार्ग पर 42 घंटे तक आवाजाही बंद रही। इन दो दिनों में रोडवेज बसों की आवाजाही ठप रही। इससे निगम को चार लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। रविवार को रोडवेज ने खेतीखान-देवीधुरा होते हुए पांच (दिल्ली, देहरादून, हल्द्वानी, नैनीताल और रीठा साहिब) बसों का संचालन किया। लोहाघाट डिपो की रोडवेज की 13 बसें टनकपुर में फंसी हैं। एजीएम नरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि बसों के संचालन में अवरोध से डिपो को चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। 

20 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त, मकानों को भी नुकसान

बारिश से चंपावत जिले की कलीगांव सहित ग्रामीण क्षेत्रों की 20 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। इससे पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई हैं। बारिश से नेपाल सीमा से लगे बगोटी में शीश राम और विविल गांव में रंजीत सिंह के मकान टूटे हैं। दोनों परिवार दूसरी जगह रात काटने के लिए मजबूर हैं। बगोटी में आंगन और मकान की दीवार गिरने से कई जगह खतरा बना है। प्रेमनगर के नारायण दत्त का आंगन, बोरबुंगा के दीपक सिंह के आंगन की दीवार ध्वस्त हो गई। भवान सिंह धौनी ने बताया कि पुल्ला मोटर मार्ग पर स्कपर बंद हो गया है जिससे पानी आने का खतरा बना है। राजेंद्र पुनेठा की दीवार गिरने से मकान में मलबा घुस गया है। तहसीलदार विजय गोस्वामी ने बताया कि नुकसान का सर्वे किया जा रहा है।