Us Considering Options For A Sanctions Package Against China To Deter It From Invading Taiwan – Us: चीन के खिलाफ प्रतिबंधों पर विचार कर रहा अमेरिका, ड्रैगन को ताइवान पर हमला करने से रोकने की रणनीति

Us Considering Options For A Sanctions Package Against China To Deter It From Invading Taiwan – Us: चीन के खिलाफ प्रतिबंधों पर विचार कर रहा अमेरिका, ड्रैगन को ताइवान पर हमला करने से रोकने की रणनीति


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अमेरिका ताइवान पर हमला करने से रोकने के लिए चीन के खिलाफ प्रतिबंधों के विकल्पों पर विचार कर रहा है। साथ ही यूरोपीय संघ भी ऐसा करने के लिए ताइपे के राजनयिक दबाव में आ रहा है। यह जानकारी न्यूज एजेंसी रायटर ने चर्चा से परिचित सूत्रों के हवाले से दी है।

सूत्रों ने कहा कि चीनी आक्रमण की आशंकाओं की प्रतिक्रिया, जो ताइवान जलडमरूमध्य में सैन्य तनाव बढ़ने के साथ बढ़ी है। इसके बाद एक तरफ वाशिंगटन में प्रतिबंधों को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है तो दूसरी तरफ ताइपे अलग से यूरोपीय संघ के दूतों के साथ अपने पक्ष में दबाव बनान की कोशिश में जुटा है। यह दोनों प्रक्रिया फिलहाल प्रारंभिक चरण में है।

दोनों ही मामलों में, कंप्यूटर चिप्स और दूरसंचार उपकरण जैसी संवेदनशील प्रौद्योगिकियों में चीन के साथ कुछ व्यापार और निवेश को प्रतिबंधित करने के लिए पश्चिम में पहले से किए गए उपायों से परे प्रतिबंधों को लाने का विचार है। हालांकि सूत्रों ने इस बारे में कोई विवरण नहीं दिया कि क्या विचार किया जा रहा है लेकिन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की सबसे बड़ी कड़ी में से एक पर प्रतिबंधों की धारणा व्यवहार्यता पर सवाल उठाती है।

अमेरिकी वाणिज्य विभाग के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी, नाजक निकख्तर (Nazak Nikakhtar) ने कहा कि “चीन पर प्रतिबंध लगाने की संभावना रूस पर प्रतिबंध लगाने की तुलना में कहीं अधिक जटिल प्रक्रिया है, इसे देखते हुए कि अमेरिका और उसके सहयोगियों का चीनी अर्थव्यवस्था के साथ व्यापक संबंध हैं।”

बता दें कि चीन ताइवान को अपने क्षेत्र के रूप में दावा करता है और पिछले महीने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइपे का दौरा करने के बाद ताइवान पर मिसाइलें दागी थीं और अपने अनौपचारिक समुद्री सीमा के पार युद्धपोतों को रवाना किया था, क्योंकि बीजिंग ने नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा को एक उकसावे के रूप में देखा था।

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अमेरिका ताइवान पर हमला करने से रोकने के लिए चीन के खिलाफ प्रतिबंधों के विकल्पों पर विचार कर रहा है। साथ ही यूरोपीय संघ भी ऐसा करने के लिए ताइपे के राजनयिक दबाव में आ रहा है। यह जानकारी न्यूज एजेंसी रायटर ने चर्चा से परिचित सूत्रों के हवाले से दी है।

सूत्रों ने कहा कि चीनी आक्रमण की आशंकाओं की प्रतिक्रिया, जो ताइवान जलडमरूमध्य में सैन्य तनाव बढ़ने के साथ बढ़ी है। इसके बाद एक तरफ वाशिंगटन में प्रतिबंधों को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है तो दूसरी तरफ ताइपे अलग से यूरोपीय संघ के दूतों के साथ अपने पक्ष में दबाव बनान की कोशिश में जुटा है। यह दोनों प्रक्रिया फिलहाल प्रारंभिक चरण में है।

दोनों ही मामलों में, कंप्यूटर चिप्स और दूरसंचार उपकरण जैसी संवेदनशील प्रौद्योगिकियों में चीन के साथ कुछ व्यापार और निवेश को प्रतिबंधित करने के लिए पश्चिम में पहले से किए गए उपायों से परे प्रतिबंधों को लाने का विचार है। हालांकि सूत्रों ने इस बारे में कोई विवरण नहीं दिया कि क्या विचार किया जा रहा है लेकिन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की सबसे बड़ी कड़ी में से एक पर प्रतिबंधों की धारणा व्यवहार्यता पर सवाल उठाती है।

अमेरिकी वाणिज्य विभाग के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी, नाजक निकख्तर (Nazak Nikakhtar) ने कहा कि “चीन पर प्रतिबंध लगाने की संभावना रूस पर प्रतिबंध लगाने की तुलना में कहीं अधिक जटिल प्रक्रिया है, इसे देखते हुए कि अमेरिका और उसके सहयोगियों का चीनी अर्थव्यवस्था के साथ व्यापक संबंध हैं।”

बता दें कि चीन ताइवान को अपने क्षेत्र के रूप में दावा करता है और पिछले महीने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइपे का दौरा करने के बाद ताइवान पर मिसाइलें दागी थीं और अपने अनौपचारिक समुद्री सीमा के पार युद्धपोतों को रवाना किया था, क्योंकि बीजिंग ने नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा को एक उकसावे के रूप में देखा था।